
कानपुर देहात। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव में एटीएस के छापा मारकर यहां के रहने वाले एक युवक व उसकी बहन को उठाए जाने के बाद गांव में अटकलों का दौर जारी है। ग्रामीनों में संदिग्ध गतिविधियों के चलते दोनों को हिरासत में लिए जाने की भी चर्चा हो रही है। साथ ही देश के बंटवारे के समय यहां से पाकिस्तान चले गए लोगों के परिजनों के संपर्क में यहां के कई लोगों के होने की चर्चा तेज हो गई है।
दिल्ली एटीएस की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ तीन दिन पहले संदिग्ध गतिविधियों के चलते अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव में छापा मारकर यहां के रहने वाले वकार खान पुत्र असलम खान के अलावा उसकी बहन उरुज फातिमा को हिरासत में लिया था। इसके बाद दिल्ली एटीएस की टीम दोनों को हिरासत में लेकर दिल्ली रवाना हो गई। इनको उठाए जाने के बाद गांव में अटकलों व तरह तरह की चर्चाओं का दौर जारी है। ग्रामीणों में संदिग्ध गतिविधियों के चलते दोनों को हिरासत में लिए जाने कि चर्चा जोरों पर है।अकबरपुर कोतवाल हरमीत सिंह ने बताया कि दिल्ली से आई एटीएस टीम बारा गांव के रहने वाले वकार व उसकी बहन को पूछताछ करने के बाद दिल्ली एटीएस कि टीम अपने साथ ले गई है।उनको किस लिए उठाया गया, इसकी जानकारी एटीएस टीम ने नहीं बताई गईं है। -पाक गए लोग जिंदा हैं या नहीं, ग्रामीणों को इसकी जानकारी नहीं बारा गांव के बुजुर्गों व जानकार लोगों का कहना है कि देश का विभाजन होने पर बारा गांव के रहने वाले एक दर्जन लोग अपने परिवार के साथ पाकिस्तान चले गए थे। इसके बाद वह लोग कभी वापस नहीं आए। उनके परिवार के तमाम लोग व रिश्तेदार अभी भी बारा गांव में ही निवास कर रहे हैं।पाकिस्तान गए लोग इस समय जिंदा हैं या नहीं! इसकी जानकारी तो गांव वालों को नहीं है लेकिन पाकिस्तान में रहने गए लोगों के परिवारों से बारा गांव के तमाम लोगों के अभी भी संपर्क बने हुए हैं।
– राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं पाकिस्तान गए 12 लोगों की जमीनें
बारा गांव से विभाजन के बाद पाकिस्तान गए लोगों की जमीनें अभी भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं। इन जमीनों पर उनके रिश्तेदारों व दूर के परिजनों ने कब्जा कर लिया। वर्ष 2023 में तत्कालीन डीएम ने शत्रु संपत्तियों की जांच कराई थी। इसमें पाकिस्तान गए बारा गांव के लतीफ अहमद खां, मोहम्मद अहमद खां, शराफत खां, जमील अहमद खां, असलम खां उर्फ मुन्नू, नियाज अहमद, अहमद खां, खालिक अहमद खां, पान बीबी, अशर्फुनिशा बेगम, असलम खां व जमील खां सहित कई लोगों के नाम राजस्व अभिलेखों में जमीनें दर्ज होने का खुलासा हुआ था।



