
कानपुर देहात।जनपद में अन्ना गोवंश की समस्या लगातार बढ़ रहा है।हाई-वे से लेकर प्रमुख सड़कों पर डेरा जमाए अन्ना मवेशी लोगों के लिये मुसीबत व हादसों की वजह बने हैं। अचानक भागकर सड़क पर आने या लोगों पर हमला करने से अक्सर लोग घायल होते हैं। मवेशियों की फौज से तमाम हादसों के बाद भी इस समस्या के निराकरण के लिये जिला प्रशासन से लेकर हाई-वे अथारिटी कोई उपाय करती नजर नहीं आ रही है।
जनपद में अन्ना गोवंश क संरक्षण के दावे हवा हावाई साबित हो रहे हैं। करीब दस हजार अन्ना गोवंश हाई-वे से लेकर प्रमुख सड़कों तक डेरा जमाए रहते हैं। इनकी वजह से अक्सर हादसे होते रहते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार बेपरवाह बने हैं। गत दो अप्रैल को रसूलाबाद झींझक मार्ग पर अन्ना गोवंश के भागकर सड़क पर आ रही बाइक से टकराने के कारण अपने दामाद के साथ घर लौट रही डेरापुर थाना क्षेत्र के भड़पुरा नंदपुर की रहने वाली साठ साल की रानी देवी पत्नी राम खिलावन की जान चली गई। इसके पहले 3 जनवरी को मंगलपुर थाना क्षेत्र के सरदारपुरवा परजनी के बीच कैनाल रोड पर एकाएक भागकर आए सांड़ से बाइक टकराने में रेलवे की बाउंड्रीवाल में ठेकेदार के अंडर में सुपरवाइजर का काम कर रहे ग्राम इटैया विश्वेश्वर गंज बहराईच निवासी पैंतीस वर्षीय विवेक शुक्ला पुत्र काली प्रसाद की मौत हो गई थी। जबकि 2 मार्च को सांड़ के हमले से मालवीय नगर सिकंदरा में रहने वाले सेवा निवृत्त्त कानून गो पैंसठ वर्षीय रमेशचंद्र की मौत हो गई थी। लगातार हो रहे हादसों के बाद भी जिम्मेदार बेपरवाह बने हैं। इससे लोगों मे नाराजगी बढ़ रही है। जबकि 22 मई को रसूलाबाद थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव में अस्सी वर्षीय किसान श्रीराम कठेरिया को खेत पर जाते समय सांड़ ने पटक फटक मार डाला।



