
कानपुर देहात रनियां
औद्योगिक क्षेत्र रनियां के गंगाप्रसादपुरवा स्थित एक लोहे के पाइप बनाने वाली फैक्टरी में सोमवार को 55 वर्षीय डीसीएम चालक जय सिंह की अचेत होकर गिरने से मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने फैक्टरी प्रबंधन पर लापरवाही, भटकाने और देर से सूचना देने का आरोप लगाते हुए फैक्टरी परिसर में शव रखकर जमकर हंगामा किया। परिजन मुआवजे और प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
मुख्य बिंदु:
मृतक: जय सिंह (55 वर्ष), निवासी शिवनाथ पुरवा (उमरन), बीते 2 वर्षों से फैक्टरी में डीसीएम चालक।
आरोप: फैक्टरी कर्मियों ने परिजनों को तीन बार अलग-अलग जगहों पर बुलाकर भटकाया और मेडिकल कॉलेज में शव छोड़कर भाग निकले।
स्थिति: शाम 6:30 बजे परिजन शव लेकर फैक्टरी पहुंचे; एडीएम, सीओ, तहसीलदार व थानाध्यक्ष समेत भारी पुलिस बल मौके पर तैनात।
घटनाक्रम: तबीयत बिगड़ने से एंबुलेंस में शव मिलने तक
दोपहर 2:30 बजे: जय सिंह रनियां की ही दूसरी यूनिट से माल खाली कर फैक्टरी वापस लौटे। तबीयत खराब होने पर वह सिक्योरिटी रूम में बैठे और अचानक गिर पड़े।
गुमराह करने का आरोप: भतीजे दीपू यादव ने बताया कि फैक्टरी कर्मचारियों ने लगातार गलत लोकेशन दी:
पहली कॉल: परिजनों से कहा गया कि मेडिकल कॉलेज जा रहे हैं (पहुंचने पर वहां कोई नहीं मिला)।
दूसरी कॉल: बताया गया कि माती फायर स्टेशन के सामने हैं (वहां भी कोई नहीं मिला)।
तीसरी कॉल: फिर से मेडिकल कॉलेज आने को कहा गया।
लावारिस मिला शव: परिजन जब दोबारा मेडिकल कॉलेज पहुंचे, तो वहां एक एंबुलेंस में जय सिंह का शव लावारिस पड़ा मिला, जबकि फैक्टरी प्रबंधन का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था।
फैक्टरी परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, प्रशासनिक हलचल
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक की पत्नी गीता देवी, बेटे आकाश व राज और बेटी दीक्षा का बिलख-बिलखकर बुरा हाल हो गया। शाम साढ़े छह बजे परिजन शव लेकर सीधे फैक्टरी परिसर पहुंचे और गेट पर रखकर हंगामा शुरू कर दिया।विवाद बढ़ता देख रनियां थानाध्यक्ष दिनेश कुमार गौतम पुलिस बल के साथ पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एडीएम प्रशासन अमित कुमार, सीओ संजय सिंह और तहसीलदार पवन कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर कमान संभाली। अधिकारियों ने रात आठ बजे तक परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन पीड़ित परिवार मुआवजा और पुलिस कार्रवाई की मांग पर अड़ा रहा।
थानाध्यक्ष दिनेश कुमार गौतम का बयान:“फैक्टरी प्रबंधन से घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली जा रही है। परिजनों से लगातार बातचीत चल रही है। परिवार की तरफ से लिखित तहरीर मिलते ही जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”



