
कानपुर देहात पूर्व सांसद राजाराम पाल का पुतला फूंकने पर भड़का आक्रोश….
…. पाल और बहुजन संगठनों ने निकाला विरोध मार्च………. जिलाधिकारी कार्यालय का किया घिराव……. डीएम को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा……. अकबरपुर और मैथा में हुई घटना के वीडियो जांच और FIR की मांग…….. 48 घंटे में कार्रवाई न होने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी……..
जनपद कानपुर देहात में अखिल भारतीय पाल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद-पूर्व मंत्री राजाराम पाल के खिलाफ आपत्तिजनक कृत्य और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर बहुजन समाज और पाल समाज में भारी रोष व्याप्त है।
भारतीय दलित पैंथर, अखिल भारतीय पाल महासभा सहित बहुजन संगठनों के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने माती मुख्यालय में विरोध मार्च निकाला। माती तिराहे से लेकर विरोध मार्च जिलाधिकारी कार्यालय तक निकाला गया। इस संबंध में जिलाधिकारी कानपुर देहात को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
दरअसल सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद राजा रामपाल का एक आपत्तिजनक कथित वीडियो वायरल हो जाने के बाद कुछ संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था। जिसमें संगठनों ने रोष व्यक्त करते हुए पूर्व सांसद राजा रामपाल का पुतला दहन किया था। इसके बाद अब पाल संगठन और बहुजन संगठनों ने पूर्व सांसद राजा रामपाल के पुतला फुके जाने के विरोध करते हुए इसे बहुजनों का अपमान बताते हुए मोर्चा खोल दिया और जिला मुख्यालय में विरोध मार्च निकाला। माती तिराहा इको पार्क से विरोध मार्च जिलाधिकारी कार्यालय तक निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व सांसद राजा रामपाल का पुतला फुकने वालों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौपा।
ज्ञापन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाते हुए बताया कि अराजक तत्वों द्वारा अकबरपुर पुल के नीचे और मैथा तहसील के पास पूर्व सांसद राजाराम पाल का पुतला बनाकर उस पर आपत्ति जनक कृत्य करते हुए, जातिसूचक गालियां दी गईं और सार्वजनिक रूप से अपमान करते हुए पुतला जलाया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह कृत्य केवल राजाराम पाल का अपमान नहीं, बल्कि पूरे बहुजन समाज और पाल समाज के मान-सम्मान को ठेस पहुँचाने की कोशिश है।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए अकबरपुर और मैथा तहसील के पास की घटनाओं के उपलब्ध वीडियो की निष्पक्ष जांच कराकर वीडियो साक्ष्यों के आधार पर सभी दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है ।
वहीं उन्होंने 48 घंटे के भीतर दोषियों पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई न होने पर सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने की चेतावनी दी
बाइट – कुलदीप संखवार (वरिष्ठ नेता)



