

कानपुर देहात। सावन के अंतिम सोमवार को होने वाले जलाभिषेक के लिए जिले के प्रमुख मंदिरों में सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं। पौराणिक व प्राचीन मंदिरों में आज भगवान शंकर के पूजन व जलाभिषेक के लिए आस्था का ज्वार उमडे़गा। इन मंदिरों में जलाभिषेक के दौरान होने वाली श्रद्धालुओं व कांवडियों की भीड़ के मद्देनजर बैरीकेडिंग कराने के साथ ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
भागवन शिव की आराधना के पावन माह सावन माह के अंंतिम सोमवार को कांवरियों व श्रद्धालुओं के जलाभिषेक के लिए जिले के 37 प्रमुख मंदिरों में सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद कर ली गई हैं। इस मौके पर मंदिरों में रुद्राभिषेक के साथ तमाम धार्मिक आयोजन भी संपन्न होगे। सावन के आखिरी सोमवार को बनीपारा जिनई स्थित पौराणिक बाणेश्वर महादेव मंदिर,रसूलाबाद के धर्मगढ़ मंदिर, डेरापुर के कपालेश्वर मंदिर, शिवली के जागेश्वर मंदिर व अमरौधा के महाकालेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु व कांवरिए जलाभिषेक के लिए पहुंचेंगे। रविवार को श्रद्धालु जलाभिषेक के साथ रुद्राभिषेक की तैयारी के लिए शमी के पत्ते, सुगंधित पुष्प, बेल पत्र, धतूरा, गाय का दूध, गन्ने का रस, दही, शुद्ध देसी घी, शहद, गंगा जल, पवित्र जल, कपूर, धूप, दीप, रूई, चंदन, पंच फल, पंच मेवा, पंच रस, इत्र, रोली, मौली, जनेऊ, पंच मिष्ठान, आदि की व्यवस्था में जुटे रहे। जबकि शाम होते ही कावरियो के जत्थे बैड बाजों के साथ बाइक से गंगाजल लेने के लिए बिइूर व खेरेश्वर के लिए रवाना हुए।
-इन मंदिरों में भी आज उमड़ेगा आस्था का ज्वार
अकबरपुर के ऐतिहासिक शुक्ल तालाब परिसर में स्थित नर्मदेश्वर मंदिर,नबीपुर के झाड़ीबाबा मंदिर, बाढ़ापुर के जंगलेश्वर महादेव मंदिर,कहिंजरी के महाकालेश्वर मंदिर,असालतगंज के द्रोणेश्वर मंदिर व जमथरखेरा स्थित जमदग्नि आश्रम, कुर्सीखेड़ा के कपिलेश्वर महादेव मंदिर,बरौर के पातालेश्वर महादेव मंदिर में जयकारों के साथ पूजन होगा। इसी तरह आस्था के केंद्र हनुमान गढ़ी आश्रम कड़री में भगवतेश्वर महादेव, पुखरायां के बड़े महादेवन मंदिर,सिकंदरा के दो शिवलिंग वाले मंदिर,राजपुर के शिव मंदिर व गजनेर के महाकालेश्वर मंदिर में भी जलाभिषेक व पूजन की तैयारी पूरी हो गई।



