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कानपुर देहात। जनपद में मौसम के आए दिन बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। इस वक्त वायरल फीवर के साथ उल्टी-दस्त व जुकाम-बुखार के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। वहीं मलेरिया भी तेजी से पांव पसार रहा है। उल्टी दस्त से दो बच्चियों व बुखार से एक महिला की मौत हो चुकी है। जबकि हर घर मे जुकाम बुखार के मरीज बढ़ रहे है। इससे मेिउकल कालेज की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ पहुंच रही है।इससे इलाज की महज खानापूरी हो रही है।
मौसम में आए बदलाव के बाद भी उल्टी-दस्त, बुखार, पेट दर्द, लीवर से पीड़ित मरीजों की संख्या लगतार बढ़ रही है। बुखार से पीड़ित सुनवर्षा गांव की एक महिला की 4 अगस्त को रूरा थाना क्षेत्र के सुनवर्षा गांव की पच्चीस साल की शैल कुमारी की मौत हो गई थी। जबकि उल्टी-दस्त से पीड़ित डेरापुर क्षेत्र के शेरपुर गांव की रहने वाली तेरह साल की राधिका की 6 अगस्त को दम तोड़ दिया था। वहीं 7 अगस्त को रसूलाबाद क्षेत्र के तरौली गांव के रहने वाले शहनूर की पांच साल की बेटी आयत भी उल्टी-दस्त का शिकार हो गई। मौजूदा समय में उल्टी दस्त व वायरल के साथ मलेरिया भी पांव पसार रहा है। जून माह तक जहां मलेरिया पीड़ितों की संख्या 7 थी। वहीं जांच की खाना पूरी के बाद भी अब तक मलेरिया पीड़ितों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। मेडिकल कॉलेज अकबरपुर की ओपीडी में उपचार के लिए आने वाले मरीजों का रेला उमड़ रहा है। भारी भीड़ बढ़ने से पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने जांच कराने व दवा हासिल करने में मरीजों को लंबी लाइन में लगकर घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। मंगलवार को मेडिकल कालेज की ओपीडी में 1660 नए व करीब तीन सौ पुराने मरीज इलाज कराने पहुंचे। इससे पर्चा बनवाने के लिए पंजीकरण कक्ष में मरीज ओपीडी जाने वाले रास्ते से लेकर मेन गेट के बाहर तक लंबी लाइन लगाए दिखे। घंटों लाइन में लगकर पर्चा बनवाने के बाद मरीजों को डॉक्टरों ने सिर्फ दवा लिखकर टरका दिया। कमोवेश यही हालत पैथालॉजी में जांच के लिए पहुंचे मरीजों की भी दिखी, जबकि दवा काउंटर पर भी दो कतारों में खड़ी महिलाओं व पुरुषों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करने को विवश होना पड़ा।



