

कानपुर देहात। झींझक ब्लॉक के बनीपारा गांव के मजरा नयापुरवा में हर गली में जलभराव होने से बीमारी का प्रकोप फैल गया है। यहां बडी संख्या में लोगों के बीमारी की चपेट में होने की जानकारी पर शनिवार को सीएचसी झींझक से पहुंची टीम को वहां 76 लोग बीमारी से पीड़ित मिले। इनको दवा वितरित की गई, लेकिन बुखार पीड़ितों के खून की जांच नहीं हो सकी।
बनीपारा गांव के मजरा नायापुरवा में तालाब पर प्रभावशालियों के कब्जा करने से जल निकासी का रास्ता अवरुद्ध है। सीडीओ के निर्देश के बाद भी जिम्मेदार समस्या की अनदेखी करते रहे। बारिश के बाद गांव की हर गली में पानी भरा हुआ है। जलभराव के साथ ही गंदगी से उठती सड़ंाध व मच्छरों के प्रकोप से गांव में बीमारी का प्रकोप फैल गया हैं।नयापुरवा में बुखार की सूचना पर अफसरों ने सीएचसी प्रभारी झींझक को गांव में टीम भेजकर उपचार कराने का निर्देश दिया। इसके बाद वहां से डॉ. दीपक गौतम, डॉ. निदा सत्तार व एएनएम सरोज त्रिवेदी की टीम शनिवार दोपहर बाद गांव पहुंची। वहां टीम को 76 मरीज बीमारी से पीड़ित मिले। इनमें प्रिंस, अमित, दीप्ति, फूलमती, प्रभात, विपिन, प्रीति और खुशबू सहित 34 मरीज बुखार से पीड़ित पाए गए।ज बकि अन्य मरीज खांसी, जुकाम, त्वचारोग आदि से पीड़ित मिले। सभी मरीजों को स्वास्थ्य टीम ने उपचार कर दवा वितरित की। लेकिन एलटी या एलए के टीम में नहीं भेजे जाने से बुखार पीड़ितों के खून की जांच नहीं हो सकी। झींझक सीएचसी के प्रभारी डॉ. अमित निरंजन ने बताया कि गांव में टीम भेजकर उपचार कराया गया है। वहां जलभराव व गंदगी की चजह से बीमारी का प्रकोप हुआ है। इस बावत बीडीओ झींझक को जलभराव की समस्या निदान कराने के लिए पत्र भेजा जा रहा है।



