

कानपुर देहात। जिले में बेकाबू हुए बुखार का प्रकोप जानलेवा बन रहा है। इसकी चपेट में आकर मरीजों की लगातार मौतें हो रही है। रविवार को मैथा ब्लॉक के सुनवर्षा गांव की रहने वाली पैंसठ साल की एक बजुर्ग महिला की भी बुखार से जान चली गई। इनके सहित माह भीतर जिले में उल्टी दस्त बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई।
जिले में मौसम में बदलाव के बाद भी वायरल फीवर के साथ उल्टी-दस्त व जुकाम-बुखार व त्वचा रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। जबकि मलेरिया भी तेजी से पांव पसार रहा है। इस समय बुखार का प्रकोप जानलेवा बन रहा है। मैथा ब्लॉक के सुनवर्षा गांव की रहने वाली बिटोली देवी तीन दिन से बुखार से पीड़ित थीं। परिजन उनका गांव में ही इलाज करा रहे थे। रविवार को उनकी हालत बिगउ़ने पर परिजन उन्हें उपचार के लिए ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच उन्होने दम तोड दिया। इससे उनके घर में कोहराम मच गया। मां की मौत से उनके पुत्र विनय व साजन किे अलावा पुपुत्रियों ललिता व राखी का रो रोकर बुरा हाल हो गया। ग्राम प्रधान सुरेश पाल ने बताया कि बुखार से बुजुर्ग बिटोला देवी कीर मृत्यु हो गई है।



