
Written by
Report

कानपुर देहात। जनपद की दक्षिणी सीमा पर स्थित यमुना नदी के जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। चंबल नदी के कैचमेंट एरिया में हुई भारी बारिश से यमुना नदी के उफनाने से तटवर्ती गांवों के लोगों की खतरा बढ़ता देखकर धड़कने तेज हो गई हैं।पथार की पुलिया तक पानी पहुंचने लोग सहम गए हैं।यमुना के बढ़ रहे जलस्तर पर अफसर बराबर नजर रख रहे हैं,इसके साथ ही बाढ़ के हालात की स्थिति में बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
जिले में यमुना-सेंगुर के संगम स्थल चपरघटा के आसपास के गांवों में हर साल बाढ़ का कहर होता है। इस बार चंबल नदी के कैचमेंट एरिया में हो रही भारी बारिश से यमुना नदी के जलस्तर में तेजी से इजाफा शुरू हो गया। लगातर बढ़ रहे जलस्तर से यमुना-सेंगुर के संगम स्थल वाले चपरघटा के आसपास के आढ़न, पथार, पडाव, मुसरिया, कुंभापुर, नगीना,नयापुरवा व भुंडा आदि गांवों में बाढ़ का आसन्न खतरा देखकर ग्रामीणों की धड़कने तेज हो गई हैं। यमुना के पानी में लगातार इजाफा होने से पथार गांव जाने वाले रास्ते की पुलिया के नजदीक तक पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्स्तर बढ़ने की यही हालत रही तो सुबह तक पुलिया के डूबने की स्थित बन सकती है। यमुना के पानी मे ंलगातार हो रही बढोत्तरी से ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं।केंद्रीय जल आयोग के कालपी स्थित केंद्र के शिफ्ट प्रभारी सौरभ यादव ने बताया कि यहां चेतावनी बिंदु 107 मीटर पर व खतरे का निशान 108 मीटर पर है। उन्होने बताया कि यमुना के जल स्तर में छह सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से इजाफा हो रहा है। सोमवार शाम को 6 बजे यमुना 103 मीटर से ऊपर बह रही थी। एडीएम वित्त एवं राजस्व दुष्यन्त कुमार मौर्य ने बताया कि चंबल नदी के कैचमेंट एरिया में भारी वर्षा से यमुना के जलस्तर में इजाफा हो रहा है।लेकिन अभी खतरा करीब चार मीटर दूर है। भोगनीपुर व सिकंदरा के एसडीएम व तहसीलदारो को बाढ चौकियों को तत्काल क्रियाशील करने व बाढ़ संभावित गांवों में निरंतर भ्रमण करने के साथ संभावित बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही बाढ़ कंट्रोल रूम को भी क्रियाशील कर दिया गया।कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 1077 के अलावा मोबाइल नंबर 9044070030 व 9454416429 पर भी बाढ प्रभावित लोग सूचनाओं का आदान प्रदान कर सकते हैं।



