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कानपुर देहात। जनपद में इस समय लंपी वायरस के संक्रमण से पशु बडी तादाद में बीमार हो रहे हैं। जिले के छह राजकीय पशु चिकित्सालय डॉक्टर बिहीन होने व मैथा की पशु डॉक्टर के मेडिकल अवकाश पर होने से पशु पालक परेशान हैं। रूरा अस्पताल मे ंदो साल से डॉक्टर का पद रिक्त होने से पशु पालक निजी डॉक्टरों से मंहगा इलाज कराने के लिए विवश हो रहे हैं।
जिले में मौजूदा समय में 27 पशु अस्पतालों के सापेक्ष 21 पशु डॉक्टरों की ही तैनाती है। इसमें मैथा की पशु चिकित्सक दिब्या मेडिकल अवकाश पर चल रही हैं। जबकि छह पशु अस्पताल डॉक्टर बिहीन होने के कारण अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है। रूरा के पशु अस्पताल में तैनात डॉक्टर का स्थानांतरण दो साल पहले हो गया था। इसके बाद इस अस्पताल का प्रभार काशीपुर के पशु चिकित्सक श्याम त्रिपाठी को सौंप दिया गया था। शासन से यहां डॉक्टर की तैनाती नहीं होने से इस असपताल से जुडे करीब सौ गांवों के पशु पालक परेशान हैं। जबकि काशीपुर के डॉक्टर भी यदा कदा ही रूरा अस्पताल में आते हैं। दो अस्पतालों की जिम्मेदारी एक डॉक्टर से होने से व्यवस्था बेपटरी हो गई है। मौजूदा समय में लंपी वायरस से मवेशी बडी संख्या में बीमार हो रहे हैं। लेकिन समुचित उपचार नहीं मिल पाने से पशु पालक परेशान है। इतना ही नहीं प्राइवेट डॉक्टरों से अपने पालतू मवेशियों का उपचार कराने को विवश हो रहे हैं। मौजूदा समय में जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ.सुबोध कुमार वर्नवाल ने बताया कि डॉक्टरों की कमी के चलते अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है। रूरा अस्पताल में अव्यवस्था की शिकायत पर डीएम के निर्देश के बाद डेरापुर के पशु चिकित्सक को रूरा अस्पताल की भी जिम्मेदारी दी गई है। अब वह 3-3दिन दोनों अस्पतालों में मौजूद रहकर उपचार की कमान संभालेंगे।



