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कानपुर देहात। मंगलपुर थाना क्षेत्र के ररौंख गांव के एक किसान की शुक्रवार रात में नलकूप पर सोते समय जंगली जानवर के हमले से हुई मौत के बाद सेंगुर के बीहड पट्टी के गांवों में दहशत बढ़ गई है। भयभीत ग्रामीण जहां रात में अकेले खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं। वहीं वनकर्मी भी हिंसक हुए जंगली जानवर की तलाश में बीहड़ की खाक छान रहे हैं, लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी अभी तक जंगली जानवर को पकड़ना तो दूर उसके पदचिह्न तक नहीं मिल पाए हैं।
ररौंख गांव के रहने वाले पैंसठ साल के बुजुर्ग रामप्रकाश पर शुक्रवार रात में खेतों में स्थित नलकूप पर सोने गए थे। वहां सोते समय जंगली जानवार ने उन पर हमला कर दिया था। इससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्राथमिक छानबीन करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। पोस्टमार्टम में उनका चेहरा क्षति विक्षत मिलने के साथ सिर में चार खून सने घाव मिले थे। डॉक्टरों ने उसकी मौत की वजह अधिक खून बहना बताया था। जंगली जानवर के हमले से बुजुर्ग की मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना है। भयभीत ग्रामीण अब अकेले खेतों की रखवाली के लिए जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, जबकि छोटे बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर घरों में रतजगा शुरू हो गया है। इधर हिंसक हो गए जंगली जानवर की तलाश में बन रेंज अधिकारी विकास सक्सेना वन कर्मियों रवी व रोहित आदि के साथ बीहड़ की खाक छान रहे हैं। वन कर्मियों ने ररौंख उड़नवापुर, भंदेंमऊ, हरपुरा आदि स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन हिसंक हुआ जानवर खोजे नहीं मिल सका है। अभी तक बुजुर्ग पर हमला करने वाला भेड़िए या लकड़बग्घा था या फिर कोई बडे़ हिंसक जंगली जानवर यह तय नहीं हो सका है। वनाधिकारी प्रोमिला ने बताया कि वन विभाग की टीम आसपास के गांवों के पास व सेंगुर के जंगल में कांबिंग करने के साथ छानबीन कर रही है। मौके पर जानवर के पंजों आदि के निशान नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने व छानबीन के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा।



