

कानपुर देहात। सरवनखेड़ा से दुकान बंद कर लौट रहे कपडा करोबारी की संदिग्ध हालात में मौत के बाद 18 घंटे तक सड़क जामकर हंगामा करना लोगों को भारी पड़ गया। मामले में गजनेर पुलिस ने 33 नामजद सहित 180 लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने आपराधिक धमकी देने, सड़क जाम कर लोगों का आवागमन बाधित करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की तलाश व छानबीन शुरू की है।
गंगागंज गजनेर निवासी कौशल सिंह उर्फ अमन भदौरिया (24 सरवनखेड़ा में कपड़े की दुकान बंदकर 8 सितंबर की रात में घर लौट रहे थे । देर रात सरवनखेड़ा-जिठरौली मार्ग पर पूज्य भाऊराव देवरस कालेज के सामने वह संदिग्ध हालात में घायलावस्था में पड़ा मिला था । उपचार के दौरान उसकी मौत होने के बाद 9 सितंबर को परिजनों व गांव के लोगों ने हत्या का आरोप लगा शव सड़क पर रखकर जाम लगाने के बाद टेंट लगाकर सड़क अवरुद्ध कर 18 घंटे तक हंगामा किया था। रात 1.10 बजे उसके मामा समरजीत की ओर से सरवनखेड़ा के सौरभ पुत्र शिव कुमार, राम सिंह उर्फ खन्ना पुत्र पप्पू परिहार व विक्की अवस्थी पुत्र पवन अवस्थी के अलावा चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने पर ही पुलिस शव उठा सकी थी। पोसटमार्टम में मृतक के शरीर पर 11 चोटें मिली थीं। वहीं इस मामले मे ंचौकी प्रभारी मोहनवीर को एसपी ने निंलबित कर दिया था। इस मामले में गजनेर थाने में तैनात एसआईप्रदीप कुमार ने मदा का पुरवा निवासी ग्राम ग्राम प्रधान संतोष परिहार, सैंथा के ग्राम प्रधान कासिम,चांद टेंटवाला सहित 33 नामजद, लोगों , तीस अज्ञात महिलाओं व 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। एसओ गजनेर सनत कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आरेापितों की तलाश व छानबीन की जा रही है।
रिपोर्ट में दो प्रधानोंं सहित यह लोग हुए नामजद
सड़क जाम कर गंगामा करने में सैंथा के प्रधान कासिम के अलावा नागेंद्र सिंह परिहार उर्फ सोनू,संदीप परिहार, प्रदीप परिहार उर्फ बंधू,धुन्नू परिहार, प्रिंशू चौहान, राजन नकुली परिहार, आनंद बाजपेई, ओमजी विश्वकर्मा चांद टेट वाला व मदा का पुरवा निवासी प्रधान संतोष परिहार, हर्षित परिहार, बबलू सिंह कछवाह, मनेथू के सोनू उर्फ शीलू भदौरिया, मोनू सिंह , जिठरौली के रमन सिंह, सोनू चौहान, विवेक सिंह, गजनेर के राजेश सिंह चौहान, आकश, योगेंद्र उर्फ बउआ सिंह, रिषभ सिंह, धर्मवीर परिहार, सरवनखेडा के श्याम करन, विशाल उर्फ मोगली, रवि सिंह चौहान, सेरुआ टप्पा के रवींद्र सिंह भदौरिया, भदेशा के सूरज सिंह पेराजोर के स्वतंत्र प्रताप सिंह निनाया के शीलू परिहार, गंगागंज के दिलदार खान, शेशित पत्र कार, 25-30 महिलाएं व 100 से 150पुरुष।



