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कानपुर देहात। जिले में बेकाबू हो रहा बुखार के साथ उल्टी, पेट दर्द व त्वचा रोग का प्रकोप बढ़ रहा है। बीमारी से हो रही मौतों के बाद भी जम्मिेदार बेपरवाह बने है। रविवार रात में डेरापुर क्षेत्र के उदनापुर के सात साल के बच्चे की बुखार से हालत गंभीर होने पर परिजन उसको मध्यरात्री के बाद मेडिकल कालेज अकबरपुर लाए। यहां मौजूद डॉक्टर ने जांच के बाद उनको मृत घोषित कर दिया। इसके सहित चालीस दिन में पेट दर्द , उल्टी दस्त व बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है।
जिले में मौसम के बार-बार करवट बदलने से बीमारी कहर बरपा रही है। प्रतिदिन बड़़ी संख्या में मरीज सरकारी व निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इधर बेकाबू हो रहे बुखार के साथ पेट दर्द, मलेरिया व डेगू के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। जांच में डेंगू के तीन केस मिलने की पुष्टि के बाद भी जम्मिेदार गंभीर नहीं दिख रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ के कारण मरीज निजी अस्पतालों व झोलाछापों से उपचार कराने को विवश हो रहे हैं।डेरापुर थाना क्षेत्र के उदनापुर के रहने वाले कल्याण सिंह के सात साल के पुत्र अभी को दो दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसका गांव में ही इलाज करा रहे थे।रविवार रात में उसकी अचानक तेज बुखार से हालत बिगड़ गई। इस पर परिजन उसे माध्यरात्रि के बाद दो बजे मेडिकल कालेज अकबरपुर लाए।यहां इमरजेंसी ड्यूटी पर मौजूद डॉ. धीरज ने जांच के बाद उसको मृत घोषित कर दिया। इससे कोहराम मच गया। इसके बाद परिजन बच्चे का शव लेकर वापस अपने गांव लौट गए ।
-मेडिकल कालेज मे ंपहुंचे 2150 नए मरीज व्यवस्था धड़ाम
बीमारी का प्रकोप गांवों से लेकर कस्बों तक चरम पर है। बड़ी संख्या में मरीज प्रतिदिन भी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। सोमवार को भी मेडिकल कालेज की ओपीडी में 2150 नए व करीब तीन सौ पुराने मरीजों के इलाज के लिए पहुंचे। इससे व्यवस्था धड़ाम हो गई। मरीजों को पर्चा बनवाने से लेकर डाक्टर को दिखाने, जांच कराने व दवा हासिल करने में घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।



