

कानपुर देहात। उधारी अदा करने के लिए वर्ष 2018 में अकबरपुर के सराफा कारोबारी को साढ़े पांच लाख की फर्जी चेक देने के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद सिविल जज सीनियर डिवीजन ने आरोपित के दोषी सिद्ध होने पर उसका दो माह की सजा सुनाई। इसके साथ ही उसको सात लाख 40 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति अदा करने के आदेश के अलावा दस हजार रुपये जुर्माना भी किया।
अकबरपुर के सराफा कारोबारी अंजनी कुमार अवस्थी से पुत्री की शादी के लिए कुइतमंदिर के रहने वाले कमलेश कुामर उर्फ पप्पू दुबे साऐ पांच लाख रुपये उधार लिए थे। मामले मे ंसराफा कारोबारी ने 4 जनवरी 17 को दो लाख 5 हजार रुपये व 11 जनवरी 2017 को तीन लाख रुपये गवाहों के सामने उधार दिए थे। इसके बाद आरोपति ने रुपये अदा करने के बजाय उसको साढे पांचलाख की फर्जी चेक दे दी थी। मामले में पीड़ित ने 2018 में सिविल जज सीनियर डिवीजन की आदालत में एनआई एक्ट के तहत परिवाद दाखिल किया था। सराफा कारोबारी के वकील रमेश मिश्रा ने बताया कि मामले में वादी व गवाहों के बयानों व बैक की रिपेार्ट आदि के अनुशीलन के बाद अदालत ने आरोपित कमलेश के दोषी सिद्ध होने पर उसको दो माह की सजा सुनाई। इसके साथ ही उसको ब्याज सहित सात लाख 40 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति अदा करनेका आदेश भी दिया। जबकि उस पर दस हजार रुपये जुर्माना करते हुए इस धनराशि को राज्य सरकार के खते में जमा करने का भी किया है।



