

कानपुर देहात। सजेती थाना क्षेत्र के के एक गांव की किशोरी को करीब दो साल पहले बहलाकर ले जाने व दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद एडीजे कोर्ट संख्या- 15 ने आरोपित के दोषी सिद्ध होने पर उसको बीस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर अट्ठाइस हजार रुपये जुर्माना भी किया। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को नयायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
एडीजीसी अजय कुमार तिवारी ने बताया कि सजेती थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोारी के पिता अपनी बीमार पत्नी का कैंसर का इलाज कराने के लिए गए थे। दंपति घर में किशोरी के साथ उसके छोटा भाई को छोड़ गए थे। माता पिता की अनुपस्थिति में गांव का ही रहने वाला रामू पुत्र खेतइया किशोरी को बहलाकर 29 मई 2024 को अपने साथ ले गया था। इसके बाद उसने मैनपुरी में किशेारी को ले जाकर दुष्कर्म किया। घर आने पर हुई जानकारी के बाद किशोरी के पिता ने आरोपित रामू के खिलाफ 10जून 2024 को सजेती थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने किशोरी को बरामद करने के बाद उसके बयानों व मेडिकल परीक्षण के बाद दुष्कर्म की धारा बढ़ाकर आरोपित रामू को गिरफ्तार कर चालान किया था। इसके साथ ही उसके खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। इस मुकदमें की सुनवाई मौजूदा समय में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट-15 में चल रही थी। मामले में वादी, पीड़िता व गवाहों के बयानों व पुलिस विवेचना के अनुशाीलन करने के साथ ही अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपित रामू पुत्र खेतइया
को दोषी सिद्ध होने पर बीस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर अलग-अलग धाराओं में अट्ठाइस हजार रुपये जुर्माना भी किया। उन्होंने बताया कि जुर्माना की पूरी धनराशि पीड़िता को दिए जाने व जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को 28 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास का भी आदेश किया गया है।



