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कानपुर देहात। मंगलपुर थाना क्षेत्र के ररौंख गांव के एक किसान की नलकूप पर सेते समय जंगली जानवर के हमले से हुई मौत के मामले में पांच दिन बीतने के बाद भी वन कर्मी हिसंक जानवर को चिह्नित नहीं कर सके। इधर शरारती तत्वों ने एआई से तेंद्रए की मौजूदगी का वीडिसो बनाकर सोशल मीडिया में डाल दिया। इससे गांवों में दहशत का माहौल बन गया। जबकि वन कर्मियों की कांबिग व जांच में तेंदुए की मौजूदगी के कोईसंकेत नहीं मिले। इसके बाद भी भयभीत ग्रामीण जहां रात में अकेले खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं।
ररौंख गांव के रहने वाले पैंसठ साल के बुजुर्ग रामप्रकाश 11 सिातंबर की रात में खेतों में स्थित नलकूप पर सोने गए थे। वहां सोते समय जंगली जानवार ने उन पर हमला कर दिया था। इससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने प्राथमिक छानबीन करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। पोस्टमार्टम में उनका चेहरा क्षति विक्षत मिलने के साथ सिर में चार खून सने घाव मिले थे। डॉक्टरों ने उसकी मौत की वजह अधिक खून बहना बताया था। इसक बाद वन कर्मियों की टीम ने ररौंख उड़नवापुर, भंदेंमऊ, हरपुरा आदि स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन हिसंक हुआ जानवर खोजे नहीं मिल सका है। अभी तक बुजुर्ग पर हमला करने वाला भेड़िए या लकड़बग्घा था या फिर कोई बडे़ हिंसक जंगली जानवर यह तय नहीं हो सका है। इधर कुछ शरारती तत्वों ने एआई से तंंदुए का टहलते हुए फोटो बनाकर सोशल मीडिया में डाल दिया। इससे गांवों में फिर से दहशत का माहौल बन गया। भयभीत ग्रामीण अब अकेले खेतों की रखवाली के लिए जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, जबकि छोटे बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर वहीड़ पट्टी के घरों में रतजगा हो रहा है। मामला संज्ञान में आते ही वन रेंज अधिकारी विकास सक्सेना ने सहकर्मियों रवी व रोहित आदि के साथ बीहड़ की खाक छानी, लेकिन जंगल से लेकर फोटो में बताए गए स्थान तक कहीं भी तेंदुए के पदचिह्न आदि नहीं मिले। वनरेंज अधिकारी विकास सक्सेना ने बताया कि तेंदुए वाला फोटो एआई से बना है। अभी तक तेंदुए की मौजूदगी के कोई संकेत नहीं मिले हैं। सेंगुर के जंगल व आसपास के गांवों में कांबिंग करने के साथ छानबीन की जा रही है।



