

कानपुर देहात। अकबरपुर क्षेत्र के सहजादपुर में स्थित 50 शैय्या के एकीकृत आयुष चिकित्सालय में आयोजित 11 वें आयुर्वेदिक दिवस का राज्यमंत्री ने धन्वन्तरि पूजन के साथ शुभारंभ कराया । इस मौके पर उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार ही नहीं बल्कि स्वस्थ्य व सतुलित जीवन जीने की पद्धति है। इसके पूर्व उन्होने भगवान धनवंतिर का पूजन करने के साथ ही फता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया।
आयुर्वेद के प्रचार प्रयसार के लिए हर साल 23 सितंबर को आयुर्वेदिक दिवस मनाया जाता है। बुधवार को सहज ादपुर सिथत पचास शैया के सांयुक्त आयुष अस्पताल में आयोतिज कार्यक्रम का राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने भगवान धनवंतरि के पूजन के साथ ही पीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। उन्होने कहा कि आयुर्वेद भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो स्वस्थ जीवन शैली एवं रोगों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने का विज्ञान है। आयुर्वेद धरती और प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित करता है। जब मनुष्य प्रकृति से सामंजस्य में रहता है तो स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रहते हैं। इस मौके पर आयुष विंग के प्रभारी डा. बृजेश ने कहा कि ायुर्वेदिक से न केवल आहार, योग, प्राणायाम और प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाकर स्वास्थ्य को सुदृढ़ कर सकते हैं बल्कि धरती के संसाधनों का संरक्षण भी कर सकते हैं। आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक औषधियों का उपयोग किया जाता है, जो रसायन मुक्त होते हैं और पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करते। इसके बाद राज्य मंत्री ने चिकित्सालय में पंचकर्म यूनिट, औषधि वितरण कक्ष, रोगी वार्ड और परामर्श केंद्र व परिसर में लगे औषधीय पौधों का भी निरीक्षण किया। साथ ही परिसर में पौधरोपण भी किया। इस मौके पर यहां लगे स्वास्थ्य शिविर में 231 मरीजों का उपचार भी हुआ। जबकि बच्चों की निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नोडल अधिकारी डॉ. अमर सिंह, डॉ. आफताब आलम, डॉ. उमेश, डॉ. रविंद्र सिंह, डॉ. पवन सिंह, डॉ. नीलेंद्र, डॉ. रवि कुशवाह, डॉ. रोहणी सिंह, डॉ. आरती यादव, डॉ. अर्चना सरोज, व बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।



