

कानपुर देहात। दवा दुकानों में अनियमितता व नकली दवाइयों की बिक्री रोकने के लिए शुरू हुए अभियान के क्रम में मंगलवार को ड्रग इंस्पेक्टर ने नबीपुर के गौरी हॉस्पिटल के मेडिकल स्टोर में छापा मारा। वहां बिना फार्मासिस्ट के दवा बिक्री होती मिली। जबकिक 11 दवाइयों के क्रय विक्रय के अभिलेख नहीं मिले। वहां से चार दवाइयों के सेंपल लेकर परीक्षण के लिए बनारस प्रयोगशाला भेजे गए।
निजी अस्पतालों में मोनेपोली की दवाइयों के साथ ही मेडिकल स्टोरों में गुणवत्ताहीन दवाइयों की बिक्री व अनियमितता रोकने के लिए ड्रग कंट्रोलर के निर्देश पर छापामार अभियान शुरू किया गया है। इसी क्रम में मंगलवार को ड्रग इंस्पेक्टर अजय कुमार संतोषी ने नबीपुर के गौरी हॉस्पिटल के मेडिकल स्टोर में छापा मारा। वहां बिना फार्मासिस्ट के दवाइयों की बिक्री होती मिली। निरीक्षण में वहां उपलब्ध मीगोपोस्टिल दवा के अलावा 11 अन्य दवाइयों के क्रय बिक्रय के अभिलेख नहीं मिले। इस पर वहां से डायक्लोमिन टेबलेट, सायरा डी कैप्सूल, एसपी नेट टेबलेट व रिएक्टिव -100 दवा के नमूने संकलित किए गए। इसके साथ ही दुकान में बिक्री कर रहे आशीष शुक्ला को नोटिस देकर दो दिन में जवाब मांगा गया है। इसके साथ ही फार्मासिस्ट का सत्यापन कराए बिना शेड्यूल एच-1 की दवाइयों की बिक्री पर रोक लगा दी गई। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि चारो दवाओं के नमूने जांच के लिए बनारस प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। दो दिन मे नोटिस का जवाब नहीं देने व फार्मासिट का सत्यापन नहीं कराने पर ड्रग कंट्रोलर को रिपोर्ट भेजकर लाइसेंस निलंबन की कारवाई कराई जाएगी। उन्होने बताया कि निजी अस्पतालों में चल रही दवा दुकानों में मोनोपोली रोकने व घटिया व मानक हीन दवाइयों की बिक्री प्रतिबंधित करने के लिए छापामार अभियान चलाकर कार्रवाई होगी।




