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कानपुर देहात।कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने के मामले में सपा के पूर्व एमएलसी व उनके भाइयों के खिलाफ रसूलाबाद में दर्ज मुकदमें के दो आरोपितों के वकील ने एडीजे कोर्ट संख्या -5 में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की। मामले में अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने उसकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
एडीजीसी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि रसूलाबाद थाना क्षेत्र के जोत गांव के रहने वाले अवधेश कुमार ने एक जुलाई को रसूलाबाद थाने में भडारीपुर औरैया के रहने वाले सपा के पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक व उनके भाइयों पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष पाठक, रामू पाठक, ललित पाठक व देवेंद्र पाठक पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अपने आप को गोवर्धन का सगा भांजा बताकर जमीन अपने नाम कराने का मुकदमा दर्ज कराया था। उसका आरोप है कि सजावरपुर परसौरा निवासी गोवर्धन चौबे उसके पिता राम शंकर के मामा थे। नि:संतान होने के कारण उन्होंने उसके पिता राम शंकर के नाम 14 जुलाई 1981को चल अचल संपत्ति की वसीयत कर दी थी।इसमें सजावारपुर स्थित गाटा संख्या 29,304,309,27,28,312,33 पर अंकित जमीन भी शामिल है।गोवर्धन चौबे की मृत्यु के बाद उसके पिता के नाम जमीन व मकान का दिाखल खारिज हो गया था। लेकिन पूर्व एमएलसी व उनके भाइयों ने पत्रावली से अभिलेख गायब करा दिए थे। उस समय उनके प्रभाव व रसूख के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। पूर्व एमएलसी व उनके दो भाई गैंगस्टर मे ंजेल में निरुद्ध हैं। मामले में आरोपित उनके दो भाइयों महंत ललित पाठक व देवेंद्र पाठक के वकील ने एडजे कोर्ट संख्या-5 में उनकी अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की। मामले में अदालत ने अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद दोनों की अग्रिम याचिका को खारिज कर दिया।




