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कानपुर देहात। रक्षा बंधन के दिन शुक्रवार को माती कारागार में निरुद्ध भाइयों को राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं सुबह से ही जेल गेट पर पहुंच गईं। हाथों में राखी और मिठाई लेकर बहनों ने रिमझि़म बारिश के बीच कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया। मुलाकात के दौरान जेल में बंद भाइयों को रक्षा सूत्र बांधते समय बहनों की आंखें नम हो गई। इस मौके पर बहनों ने भाइयों से अपराध से दूर रहने का वचन लिया। मुलाकात के दौरान भाईयो के भी आंसू छलक आए ।
रक्षा बंधन के दिन माती जेल में निरुद्ध भाइयों को राखी के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं ने परिजनों व बच्चों के साथ शुक्रवार को सुबह से जेल गेट पर डेरा जमा लिया था। इससे जेल गेट पर मेले जैसा नजारा रहा। रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच घंटों लाइन में लगकर इंतजार के बाद मुलाकात की बारी आई। जेल के मुख्य द्वार के पास बंदियों की बहनों से मुलाकात शुरू हुई। बहनों ने नम आंखों के बीच बंदियों को राखी बांधकर मिठाई खिलाई।भावुक माहौल में बहन-भाइयों की मुलाकात का क्रम कई शिफ्टों में दोपहर बाद तक चला। जेल अधीक्षक धीरज कुमार ने बताया कि इस समय जेल में 966 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें 320 बंदियों से यहां पहुंची 445 महिलाओं ने जेल में मुलाकात कर रक्षा सूत्र बांधा। उनके साथ में 155 बच्चे भी आए थे। इस मौके पर जेलर अरुण कुमार सिंह,डिप्टी जेलर आनंद कुमार, आरपी शर्मा व संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।




