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कानपुर देहात। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को आयोजित हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में 256005वादों का निस्तारण कराया गया। इसके साथ ही 247520254 रुपये क्षतिपूर्ति व अर्थदंड के रूप में वसूले गए। लोक अदालत में 23 दंपतियों में समझौता कराने के बाद उनके लंबित मामलों का भी निस्तारण कराया गया।
माती कोर्ट में जिला जज रवींद्र सिह ने मां सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवन कर लोक अदालत का शुभारंभ कराया। इस मौके पर जिला जज की कोर्ट में लगे 7 मुकदमें में 3 वादों का निस्तारण किया गया। इसके साथ ही 2,83,94,829 रुपये की क्षति पूर्ति पीड़ितों को दिलायी गई। पारिवारिक न्यायाधीश ने 30 मुकदमों में कुल 23 वादों का निस्तारण कर 23 दंपतियों में समझौता कराकर उनको विदा कराया। स्थाई लोक अदालत में लगे 16 मुकदमों में तीन का निस्तारण कराकर 3,04,380रुपये क्षतिपूर्ति दिलाई गयी। जबकि मोटर दुर्घटना के लगे 216 मुकदमों में 140 का निस्तारण कराने के साथ ही पीड़ितों को 15,71,66,000रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गयी। इसके अलावा सीजेएम कोर्ट में लगे 9455 मुकदमों में 3778 को निस्तारित कराने के साथ 2, 96, 500 रुपये वसूले गए। इनके अलावा बैंक रिकवरी के 10,556 मुकदमों में 944 का निस्तारण करते हुए 5,90, 36, 400 रुपये बकाया वसूले गए।जबकि जिला उपभोक्ता फोरम में लगाए गए तेरह मुकदमों में 6 का निस्तारण कराने के साथ 20, 81, 740रुपये वसूले गए। इनके अलावा जिले की छह तहसीलों में 13969 मुकदमों में 13969 वादों का निस्तारण हुआ। जबकि घाटमपुर तहसील में 6846 व बिल्हौर द्वारा 8689 वादों का निस्तारण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नूपुर श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में 208125 वादों का निस्तारण कर 152724798 रुपये जुर्माना भी वसूला गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 256005 वाद निस्तारित किये गये तथा रुपये 247520254/- की धनराशि अर्थदण्ड के रूप में वसूल की गयी व क्षतिपूर्ति दिलायी गई।




