

कानपुर देहात। रनियां थाना क्षेत्र के लाटा मुबारकपुर गांव के एक युवक की रनियां के एक क्लीनिक में उपचार से उसकी हालत सुधरने के बजाय और बिगउ़ गई। परिजन उसको गंभीर हालत में कानपुर ले गए। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस पर परिजनों ने शवलेकर वापस आने के बाद रनियां में क्लीनिक के बाहर शव रखकर हंगामा शुरू किया। देर शाम तक पुलिस परिजनों को समझाने के प्रयास में लगी थी।
मुबारकपुर लाटा गांव निवासी इक्कीस साल का प्रभात पुत्र करन सिंह चिरौरा रोड स्थित एक शराब फैक्टरी में काम करता था। उसके दातों में काफी समय से दर्द हो रहा था। छह अगस्त को उसने रनियां कस्बे के केशव नगर मोहल्ले में स्थित एक डेंटल क्लीनिक में आना इलाज कराने गया था। वहां मौजूद डॉक्टर ने उसका एक दांत निकालने के बाद दवा देकर घर भेज दिया था,परिजनों का आरोप है कि घर लौटने के एक-दो दिन बाद भी दांत से खून निकलना बंद नहीं हुआ। इस पर उसने उसी क्लीनिक में पहुंचकर पूरी बात बताई। इस पर दवा देकर डॉक्टर ने जल्द ही रक्स्राव बंद होने की बात कहकर उसको टरका दिया। इसक बाद भी हालत में सुधार नही होने पर चिकित्सक ने उसे अकबरपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए भेज दिया। वहां भी हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन प्रभात को गंभीर हालत में हैलट अस्पताल कानपुर ले गए थे। वहां शुक्रवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसपर परिजन उसका शव लेकर रनियां आए और क्लीनिक के सामने शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची उसकी मां गुडिया बेटे की मौत से बेहाल हो गई। जबकि भाई कीरत व बहन दीक्षा बिलख उठीं। सूचना पर सीओ सदर संजय सिंह व एसओ रनियां सौरभ राधा ुपलिस बल के सािा मौके पर पहुंचे और लोगो को समझाकर शंात कराने का प्रयास किया। लेकिन देर शाम तक पुलिस शव नहीं डठा सकी। सीओ संजय सिंह ने बताया कि परिजनों को समझाने का प्रयास किया जारहा है। शव का पोस्टमार्टम कराने व परिजनों की तहरीर मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।




