
Written by
Report

कानपुर देहात। जिले में अन्ना गोवंश लोगों की मुसीबत का सबब बने हैं। सड़कों और हाईवे पर घूम रहे अन्ना गोवंश जहां हादसों की वजह बने हैं। वहीं खेतें मे ंधावा बोलकर फसलों को चौपट करने के साथ ही लोगों पर हमलाकर उनकी जान भी ले रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदारों की अनदेखी से लोगों में खासी नाराजगी है।
शासन से अन्ना गोवंश के शत-प्रतिशत संरक्षण के लिए कई बार निर्देश दिए जा चुके हें। इसके बाद भी जिले में गोवंश के संरक्षण में हो रही सुस्ती का खामियाजा किसानों से लेकर आम आदमी तक को भुगतना पड़ रहा है।मौजूदा समय मे ंकरीब दस हजार गोवंश कस्बों से लेकर गावों तक अन्ना घूम रहे है । इस समय कानपुर-इटावा व बारा कालपी हाई-वे से लेकर घाटमपुर सिकंदरा मुगलरोड को ठिकाना बनाए अन्ना गोवंश सुगम यातायात में बाधक बनने के साथ जहां हादसों की वजह बने हैं।वहीं वहीं खेतों में झुंड बनाकर धावा बोलकर फसलों को चौपट कर रहे हैं। इससे परेशान किसान गोवंश से फसलों की रखवाली के लिए खेतों में डेरा डालने को मजबूर हो रहे हैं। इतना ही नहीं हिंसक होकर यह गोवंश लोगों पर हमलाकर उनको घायल करने के साथ लोगों की जान भी ले रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अन्ना गोवंश की समस्या की अनदेखी कर रहे है।
-अन्ना गोवंश की वजह से इनकी जा चुकी जान
-3 जनवरी:सरदरापुरवा मंगलपुर के पास एकाएक भागकर आए सांड़ से बाइक टकराने में रेलवे ठेकेदार के सुपरवाइजर इटैया विश्वेश्वर गंज बहराइच के विवेक शुक्ला पुत्र काली प्रसाद की मौत।
-2 मार्च: सांड़ के हमले से मालवीय नगर सिकंदरा में रहने वाले सेवा निवृत्त्त कानून गो पैंसठ वर्षीय रमेशचंद्र की मौत।
-2 अप्रैल: रसूलाबाद झींझक मार्ग पर अन्ना गोवंश के बाइक से टकराने में भड़पुरा नंदपुर की रानी देवी पत्नी राम खिलावन की मौत
जान चली गई।इसके पहले
-22 मई : रतनपुर रसूलाबाद के किसान श्रीराम कठेरिया की खेत पर जाते समय सांड के हमने से मौत।
-6 जुलाई: मावर भोगनीपुर के पास रात में अन्ना गोवंश से बचने के प्रयास में हाईवे के डिवाइडर से कार टकराने में डंडी बाडी गंगा बैराज के पास नवाबगंज में रहने वाले सुनील कुशवाहा व पहलवानपुरवा नवाबगंज के अजय कुमार की मौत।
-24 सितंबर: सांड के हमले से दशहरा गांव निवासी पचपन वर्षीय सुरेन्द्र पाल सिंह की मौत।
बोले जिम्मेदार-
जिले की 74 गोशालाओं में करीब 10 हजार 576 गोवंश संरक्षित हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्र की 60 गोशालाओं में 7926 गोवंश व नगरीय क्षेत्र की 14 गोशालाओं में 2640 गोवंश शामिल हैं। पिछले माह में अभियान चलाकर 165 अन्ना गोवंश को गोशालाओं में संरक्षित कराया गया है।रसूलाबाद क्षेत्र की अन्ने प्रथम व द्वितीय की बृहद गोशालाओं को चालू करने की तैयारी हो रही है। अगले हफ्ते तक इनके चालू हो जाने की उम्मीद है।इसके बाद काफी हद तक अन्ना गोवंश की समस्या का निदान हो जाएगा।-डॉ.सुबोध कुमार,बर्नवाल,जिला पशु चिकित्साधिकारी।





