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कानपुर देहात। घाटमपुर थाना क्षेत्र के सिमना बदलेपुर गांव की एक महिला की करीब आठ साल पहले अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर हत्या करने के मुकदमे में सुनवाई पूरी होने के बाद जिला जज ने आरोपित पति व ससुर को दोषी सिद्ध होने पर दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उनपर चार- चार हजार रूपये जुर्माना भी किया। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
एडीजीसी संतोष कटियार ने बताया कि देवराहट थाना क्षेत्र के बम्हरौली घाट की रहने वाली रीता पत्री राम औतार की शादी 21 मई 2017 को घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिमना बदलेपुर निवासी चंद्रशेखर के साथ हुई थी। सात जून 2018 को रीता का शव संदिग्ध हालात में गांव के किनारे एक बबूल के पेड़ में फांसी पर लटका मिला था। मामले में रीता के पिता राम औतार ने दामाद चंद्र शेखर उसके पिता गजराज उर्फ गुजराती, उसकी मां सुकरातिन, भाई पंकज, बहनो ंरामसखी व कल्लो आदि के खिलाफ घाटमपुर कोतवाली में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपित पति, सास व ससुर को गिरफ्तार कर चालान करने के साथ उनके खिलाफ आरोपपत्र अदालत में भेजा था। मौजूदा समय में इस मामले की सुनवाई जिला जज की अदालत में हो रही थी। एडीजीसी ने बताया कि सुनवाई के दौरान तीन माह पहले आरोपित सास की मौत हो गई थी। मामले में वादी व गवाहों के बयानों, पुलिस विवेचना के अनुशीलन के साथ ही अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपित पति चंद्र शेखर व ससुर गजराज उर्फ गुजराती के दोषी सिद्ध होने पर दोनों को दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उनपर अलग-अलग धाराओं में 4-4 हजार रूपये जुर्माना भी किया। उन्होने बताया कि जुर्माना अदा नहीं करने पर उनको दो माह के अतिरिक्त कारावास का आदेश किया गया है।





