

कानपुर देहात। दीपावली का पर्व ज्योति एवं पुरुषार्थ के साथ ही आत्म साक्षात्कार व अपने भीतर सुशुप्त चेतना को जगाने और पर्यावरण की स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश देने का पर्व है। हनुमानगढी आश्रम कड़री के प्रमुख संत ने श्रद्धालुओं को दीपावली के मौके पर यह संदेश दिया गया। इसके साथ ही आश्रम में हनुमत सहस्त्रनाम के जप के साथ पूजन-अर्चन का सिलसिला चला।
रूरा -शिवली मार्ग पर स्थित आस्था के केंद्र हनुमानगढी आश्रम कड़री में छोटी दीपावली यानी हनुमान जयंती के मौके पर हनुमानजी के सहस्त्रनाम के जप का आयोजन हुआ। इस मौके पर आश्रम में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन के साथ दीप प्रज्ज्वलन किया। मद्दूखेडा नवाबगंज उन्नाव आश्रम में प्रवास कर रहे यहां के प्रमुख संत ने अपने संदेश में कहा कि आतंकवाद, भय, हिंसा, प्रदूषण, अनैतिकता, ओजोन का नष्ट होना आदि समस्याएं इक्कीसवीं सदी के मनुष्य के सामने चुनौती बनकर खड़ी है। इन समस्याओं का जनक भी मनुष्य खुद ही है। दीपावली एक लौकिक पर्व केवल बाहरी अंधकार को ही नहीं, बल्कि भीतरी अंधकार को मिटाने का पर्व भी है। हम अपने भीतर में धर्म का दीप जलाकर मोह के अंधकार को दूर कर सकते हैं। दीपक संदेश देते है कि हम जीवन से कभी पलायन न करें, जीवन को परिवर्तन दें,क्योंकि पलायन में मनुष्य के दामन पर बुज दिली का धब्बा लगता है,जबकि परिवर्तन में विकास की संभावनाएं जीवन की सार्थक दिशाएं खोज लेती हैं। दीपक दुर्बलताओं को मिटाकर नई जीवनशैली की शुरुआत का संकल्प है। इस मौके पर सर्वराकार अन्नू बाजपेई, शिव प्रकाश शुक्ला, डीएस मिश्र, गुड्डू दीक्षित, मौजी अग्निहोत्री व पुजारी त्रिगुण नारायण पांडेय आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।



