

कानपुर देहात। दीपावली के त्योहार का उत्साह बाजार में मंहगाई पर भारी दिखा। लोगों ने नगरीय क्षेत्रों में सजे गणेश लक्ष्मी के स्टालों पर जहां मूर्तियों की खरीददारी की। वहीं युवाओं का जोर रंगीन झालरों पर रहा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र से आए लोगों ने जरूरत के हिसाब से लाई-खील-गट्टा, मिठाई व त्योहार के लिए जरूरी सामान की खरीददारी की।
रोशनी के पर्व दीपावली के लिए बाजार रोशन हो गए हैं। शनिवार को ग्रामीण क्षेत्र से कस्बों में पहुंचे लोगों ने त्योहार के सामान की जरूरत के हिसाब से खरीददारी की। बाजार में 100 रुपये किलो की दर से गट्टा, 90 से सौ रुपये किलो की दर से खिलौने 80 रुपये किलो की दर से लइया व 100 रुपये किलो की दर से खील की बिक्री हुई। जबकि 120 रुपये किलो की दर से कनौजी गट्टा बिकता रहा। जबकि सरसों तेल दो सौ से 2200 रुपये लीटर, बनस्पति 180 से 200 रुपये किलो की दर से बिका। जबकि देशी घी 660 से 700 रुपये किलो में, रिफाइंड 160 से 180 रुपये लीटर में लोगों ने खरीदा । इसके साथ ही बीस रुपये से लेकर 80 रुपये पैंकेट की दर से मोमबत्तियों की भी खरीद हुई।
-मंहगाई के चलते गिफ्ट पैक का आकार हुआ छोटा
दीपावली पर दोस्तों, रिश्तेदारों को गिफ्ट देने की परंपरा है। इसमें अधिकांश लोग मिठाई या मेवे के पैकेट उपलब्ध कराते हैं। ड्राई फूड के गिफ्ट पैक काफी महंगे होने से कुछ लोगों ने मेवा खरीद कर घर में ही गिफ्ट पैक तैयार कराए। बाजार में काजू एक हजार से 11 सौ रुपये, बादाम 11 सौ से 1300 रुपये किलो, चिरौंजी 18 सौ रुपये किलो, किशमिश 450 से 500 रुपये, किलो की दर से उपलब्ध होने से इस बार गिफ्ट पैक का आकार छोटा रहा। वहीं इस बार ड्राईफ्रूट की जगह मिठाई के पैकेट उपहार में देने पर जोर रहा।
-मिट्टी की मूर्तियों के भी स्टालों पर रही खरीददारों की भीड़
नगरीय क्षेत्रों में सजे गणेश-लक्ष्मी मूर्तियों के स्टालों पर भी ग्राहकों की खासी भीड़सड़क किनारे सजे मिट्टी के गणेश लक्ष्मी की मूर्तियों के स्टालों पर भी लोगों की भीड़ लगी रही। बाजार में 30 रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक की मिट्टी की मूर्तियां उपलब्ध रहीं। इनमें से अधिकांश लोग 50 से 150 रुपये कीमत की मूर्तियां खरीदने पर अधिक जोर देते दिखे। जबकि बाजार में 80 से सौ रुपये सैकडा की दर से मिट्टी के दीपकों की भी जमकर खरीद हुई। इस बार बाजार में डिजाइनर मिट्टी के दीपकों व कैंडिल के प्रति युवाओं में खासा आकर्षण दिखा। बाजार में इस बार मिट्टी के दीपकों की भी खरीद धूम दिख रही है। मिट्टी के दीपक के विक्रेता रूरा के गरीबे, बबलू आदि ने बताया कि कई साल बाद इस बार दीवाली में मिट्टी के दीपकों की अधिक डिमांड हुई है।
-इलेक्ट्रानिक्स झालरों की खरीद की रही धूम
जिले के प्रमुख कस्बों में सजी इलेक्ट्रानिक झालरों की खरीद की भी शनिवार को धूम रही। दुकानें में पूरे दिन रंग बिरंगी झालरें जगमगाती रहीं। बाजार में इलेक्ट्रिक मोमबत्ती, दीया और कलश की झालरों का खासा क्रेज दिखा। बाजार में 200 से 500 रुपये में इलेक्ट्रिक दीप मालाएं, सौ से 160 रुपये में इंडियन झालर, 3 सौ रुपए में मल्टी झालर की खरीद रही। इससे बाजार में स्वदेशी सामान की धमक दिखी। इसके साथ ही डिजाइनर मिट्टी के दीपकों व कैंडिल के प्रति युवाओं में खासा आकर्षण दिखा।



